जितने जीवंत रघु राय थे उतनी ही उनकी तस्वीरें : विनय कुमार
पटना: महान फोटोग्राफर रघु राय द्वारा खींची गई तस्वीरें सजीव व् बोलती हुई प्रतीत होती हैं । तस्वीरों में एक जीव /मनुष्य का होना जरुरी है , ऐसा मानना था रघु राय का । फोटो के जिस फ्रेम में इंसान नहीं हो, रघु राय ने कभी वैसी फोटोग्राफी नहीं की। उनके निधन ने भारत की फोटोग्राफी की दुनिया में एक ऐसा शून्य उत्पन्न किया है जिसे शायद ही भरा जा सकेगा। उक्त बातें बापू टावर के निदेशक व् कला समीक्षक विनय कुमार ने कहीं। वे शुक्रवार को दालान संस्था द्वारा आयोजित रघु राय की श्रद्धांजलि सभा को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने रघु राय के साथ बिताए अपने समय को साझा करते हुए बताया कि रघुराई स्वभाव से विनोदी स्वभाव के थे और सामान्य बात को भी रोचक बना कर पेश करते थे। उनकी सबसे बड़ी विशेषता थी । वह नए लोगों के साथ उत्साहित होकर काम करते थे और कभी भी किसी जूनियर को अपने से छोटा होने का एहसास नहीं कराते थे। ‘बिहार पास्ट एंड नाउ’ शीर्षक से उन्होंने बिहार सरकार के लिए कॉफी टेबल बुक तैयार किया। जब इसका लोकार्पण तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कर रहे थे तो वह काम के दौरान जुड़े उनके समेत सारे लोगों को बुलाना नहीं भूले। बिहार में महात्मा गांधी के योगदानों को लेकर एक कॉफी टेबल बुक तैयार करने की योजना उनके साथ बन रही थी, लेकिन होने को कुछ और ही मंजूर था और वह बीच में ही हम सब को छोड़कर चले गए। उनका जाना भारत के सारे छायाकारों के लिए व्यक्तिगत क्षति है।

वरिष्ठ छायाकार बीके जैन ने उनकी फोटोग्राफी की तकनीकी विशेषताओं पर प्रकाश डाला और कहा कि उनकी तस्वीरों में श्याम रंग का बाहुल्य होता था। वरिष्ठ छायाकार सुमन श्रीवास्तव ने बताया कि शैडो, आइएसओ, शटर स्पीड और ग्रेन आदि तकनीकी जटिलताओं में हम जैसे सामान्य छायाकार उलझे रहते हैं, वहां रघु राय ने इन सारी जटिलताओं के बीच एक सुगम मार्ग निकला था और अपनी फोटोग्राफी से उन्होंने सिद्ध किया कि फोटोग्राफी की कला में सबसे महत्वपूर्ण इंसान होते हैं, उसके बाद ही कोई इसका तकनीकी पक्ष है। छायांकन के क्षेत्र में उनका यही दर्शन उन्हें महान बनाता है।


कार्यक्रम का संचालन कर रहे दालान संस्था के संस्थापक प्रशांत रवि ने बताया कि साहित्य, सिनेमा, पत्रकारिता और लोक कला जैसे विविध आयामों पर दालान द्वारा अनवरत कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। विगत 26 अप्रैल को जब भारत के महान छायाकार रघु राय का निधन हुआ, उसी दिन दालान संस्था ने उनकी स्मृति में कार्यक्रम करने की योजना ने वैचारिक आकर ले लिया था जो आज मूर्त रूप में है । इससे पूर्व उपस्थित लोगों ने फोटोग्राफर रघु राय के चित्र पर पुष्पार्चन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर कला संस्कृति विभाग के सहायक निदेशक अजय कुमार सिंह, जाने माने फिल्म विश्लेषण प्रो. जय देव, फिल्मकार प्रशांत रंजन, वरिष्ठ पत्रकार अमरनाथ तिवारी, प्रमोद कुमार सिंह, संजीव कुमार, फोटोग्राफर प्रमोद जैन , मनीष सिंहा,रवि सहनी, श्रीकांत, मनीष सिंह , लेखक उत्पल कुमार समेत शहर के फोटोग्राफर, सिनेमैटोग्राफर, पत्रकार, लेखक और अन्य कला प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
